गर्मी अपने पूरे शबाब पर है। इस मौसम में छाछ का सेवन करने से शरीर में शीतलता बनी रहती है। यही नहीं कि छाछ के सेवन से कई रोग ठीक होते हैं। प्राचीनकाल से ही वैद्य-हकीमों ने भी इस पेय को स्वास्थ्य के लिए अत्यंत गुणकारी व लाभप्रद बताया है। छाछ के नि
यमित सेवन से त्वचा खूबसूरत व लावण्यमयी होती है।बच्चों को नित्य छाछ जरूर पिलाएं, क्योंकि इसमें सभी तत्व मौजूद रहते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी होते हैं। गर्मी में शरीर के पसीने की दुर्गन्ध आने पर छाछ और बेसन मिलाकर शरीर पर मलें। छाछ पीने से गर्मी के कारण पेट में जलन, उबकाइ, दस्त आदि की बीमारियां नहीं लगती।छाछ में सेंधा नमक व भूना जीना डालकर पीने से पेट के रोगियों को आराम मिलता है। छाछ के सेवन में दांतों संबंधी कई बीमारियों में लाभ मिलता है। जिन्हें दूध नहीं पचता, उसके लिए छाछ उत्त पेय है, बदहजमी नहीं होती।हृदय रोग खासकर उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए भी यह उत्तम पेय है, क्योंकि यह कोलेस्ट्रोल नहीं बढ़ाता। हालांकि हाई ब्लड प्रैशर वाले लोगों को एक बात का ध्यान रखना चाहिए, कि वह छाछ में नमक न डालें। -जसप्रीत सिंह (प्रैसवार्ता)
यमित सेवन से त्वचा खूबसूरत व लावण्यमयी होती है।बच्चों को नित्य छाछ जरूर पिलाएं, क्योंकि इसमें सभी तत्व मौजूद रहते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी होते हैं। गर्मी में शरीर के पसीने की दुर्गन्ध आने पर छाछ और बेसन मिलाकर शरीर पर मलें। छाछ पीने से गर्मी के कारण पेट में जलन, उबकाइ, दस्त आदि की बीमारियां नहीं लगती।छाछ में सेंधा नमक व भूना जीना डालकर पीने से पेट के रोगियों को आराम मिलता है। छाछ के सेवन में दांतों संबंधी कई बीमारियों में लाभ मिलता है। जिन्हें दूध नहीं पचता, उसके लिए छाछ उत्त पेय है, बदहजमी नहीं होती।हृदय रोग खासकर उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए भी यह उत्तम पेय है, क्योंकि यह कोलेस्ट्रोल नहीं बढ़ाता। हालांकि हाई ब्लड प्रैशर वाले लोगों को एक बात का ध्यान रखना चाहिए, कि वह छाछ में नमक न डालें। -जसप्रीत सिंह (प्रैसवार्ता)
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