शरीर की दृष्टि में खरगोश की लंबाई 18 से 20 ईंच तक होती है। इसकी आंखें नीली व भूरी होती है, जबकि कान शरीर अनुसार ज्यादा लम्बे होते हैं। इसकी आंखें नीली व भूरी होती हैं, जबकि कान शरीर अनुसार ज्यादा लम्बे होते हैं। तेज सूंघन की शक्ति के अतिरिक्त दूर तक देखने की योग्यता वाले खरगोश के लिए सूंघन शक्ति ही मददगार होती है। कठिनाई के समय खरगोश लगभग 65 कि.मी. प्रति घंटा की गति से दौड़ सकता है। खान-पान के मामले में खरगोश एक शाकाहारी जीव है और इसका मुख्य खाना हरा इस घास, नर्म पौधे, सब्जी फल और चना इत्यादि है। खरगोश के मुंह में दांत की दो पक्तियां होती हैं। जिनकी सहायता से वह कुतर-कुतर कर खाना खाता है। गाजर, मूली, शंकरगंदी आदि की जड़ें इसका मनपसंद भोजन है। खरगोश खेतों में खड़ी हरी सब्जी और फल खाता है। जीव विशेषज्ञ मानते है, कि खरगोश का जन्म उतरी अमेरिका में है। -(प्रैसवार्ता)Tuesday, November 17, 2009
खरगोश: एक शाकाहारी जीव
शरीर की दृष्टि में खरगोश की लंबाई 18 से 20 ईंच तक होती है। इसकी आंखें नीली व भूरी होती है, जबकि कान शरीर अनुसार ज्यादा लम्बे होते हैं। इसकी आंखें नीली व भूरी होती हैं, जबकि कान शरीर अनुसार ज्यादा लम्बे होते हैं। तेज सूंघन की शक्ति के अतिरिक्त दूर तक देखने की योग्यता वाले खरगोश के लिए सूंघन शक्ति ही मददगार होती है। कठिनाई के समय खरगोश लगभग 65 कि.मी. प्रति घंटा की गति से दौड़ सकता है। खान-पान के मामले में खरगोश एक शाकाहारी जीव है और इसका मुख्य खाना हरा इस घास, नर्म पौधे, सब्जी फल और चना इत्यादि है। खरगोश के मुंह में दांत की दो पक्तियां होती हैं। जिनकी सहायता से वह कुतर-कुतर कर खाना खाता है। गाजर, मूली, शंकरगंदी आदि की जड़ें इसका मनपसंद भोजन है। खरगोश खेतों में खड़ी हरी सब्जी और फल खाता है। जीव विशेषज्ञ मानते है, कि खरगोश का जन्म उतरी अमेरिका में है। -(प्रैसवार्ता)
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